दिल्ली IGI एयरपोर्ट ATC सिस्टम क्रैश: 100+ उड़ानें प्रभावित, जानें तकनीकी खराबी का कारण और यात्रियों का हाल
नई दिल्ली: देश के सबसे व्यस्ततम हवाई अड्डे, इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट, दिल्ली में आज सुबह एक बड़ी तकनीकी खराबी ने हवाई यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। सुबह लगभग 9 बजे एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में आई इस गंभीर खराबी के कारण, रनवे पर विमानों की आवाजाही ठप पड़ गई, जिसके परिणामस्वरूप 100 से अधिक उड़ानों के संचालन में भारी देरी हुई। यह घटना हवाई अड्डे पर यात्रियों के लिए घंटों तक अफरा-तफरी और निराशा का माहौल पैदा कर गई।
क्या हुआ और कितना पड़ा असर?
यह तकनीकी खराबी उस समय आई जब ATC सिस्टम को संचालित करने वाला मुख्य सॉफ्टवेयर क्रैश हो गया। ATC प्रणाली ही वह महत्वपूर्ण व्यवस्था है जो रनवे पर उतरने और उड़ान भरने वाले विमानों को दिशा-निर्देश देती है। इस सिस्टम के अचानक फेल हो जाने से, सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत, सभी विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ को तत्काल रोकना पड़ा।
* विलंब (Delay): सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच 5 घंटे तक चली इस समस्या से 100 से अधिक उड़ानों (घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों) पर सीधा असर पड़ा।
* यात्री परेशानी: हजारों यात्री, खासकर विदेशी यात्री, एयरपोर्ट पर घंटों तक फंसे रहे। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर एयरपोर्ट प्रबंधन की आलोचना करते हुए अपनी निराशा व्यक्त की।
* रद्द उड़ानें: बताया जा रहा है कि लगभग एक दर्जन उड़ानों को तकनीकी कारणों से रद्द (Cancelled) भी करना पड़ा।
सुरक्षा पर सवाल और ATC की त्वरित कार्रवाई
हालांकि, यह एक गंभीर तकनीकी विफलता थी, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने दावा किया कि उन्होंने तत्काल बैकअप सिस्टम (Backup System) को सक्रिय कर दिया था। इस दौरान, ATC अधिकारियों ने मैन्युअल रूप से विमानों को सुरक्षित दूरी पर रखने के लिए सघन प्रयास किए। किसी भी विमान के आपस में टकराने या सुरक्षा संबंधी बड़ी चूक की कोई खबर नहीं है।
तकनीकी कारणों का विश्लेषण
शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, ATC सिस्टम का मेन सर्वर अत्यधिक लोड के कारण विफल हो गया। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में हवाई यातायात में हो रही तेज वृद्धि के अनुपात में पुराने पड़ चुके आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने की तत्काल आवश्यकता है। इस घटना ने एक बार फिर देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट की डिजिटल सुरक्षा और उसकी तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
निष्कर्स
देरी के बाद, दोपहर 2 बजे के आसपास सिस्टम आंशिक रूप से बहाल किया गया और विमानों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य होने लगी। हालांकि, इस तकनीकी खराबी ने हजारों यात्रियों को परेशानी में डाला और भारतीय हवाई यातायात प्रबंधन की डिजिटल तैयारी की पोल खोल दी है। सरकार और एयरपोर्ट प्रबंधन को इस दिशा में तुरंत और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी बड़ी रुकावटों से बचा जा सके।
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