दुबई एयर शो 2025 के अंतिम दिन, भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस (LCA) से जुड़ी एक दुखद घटना घटी। हवाई प्रदर्शन के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। भारतीय वायुसेना (IAF) ने पुष्टि की कि इस हादसे में शहीद हुए पायलट की पहचान विंग कमांडर नमांशु स्याल के रूप में हुई है, जो हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के निवासी थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण तेजस क्रैश तब हुआ जब भारत, अपने घरेलू रक्षा नवाचार का प्रदर्शन एक वैश्विक मंच पर कर रहा था।
यह हादसा स्थानीय समयानुसार लगभग 2:10 बजे अल मकतूम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुआ। विंग कमांडर स्याल दर्शकों के सामने तेजस की क्षमता का प्रदर्शन कर रहे थे। चश्मदीदों के अनुसार, विमान एक जटिल युद्धाभ्यास, जिसे 'लो रोल' या 'निगेटिव जी' से रिकवरी का प्रयास करने की कोशिश कर रहा था।
युद्धाभ्यास के दौरान ही विमान अचानक नियंत्रण खोकर नीचे की ओर आया और जमीन से टकरा गया। टकराते ही तेजस एक बड़े आग के गोले में बदल गया। मौके पर मौजूद आपातकालीन और अग्निशमन दल तुरंत हरकत में आए।
दुर्घटना की खबर सामने आते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। भारतीय वायुसेना ने एक आधिकारिक बयान जारी कर विंग कमांडर नमांशु स्याल की शहादत पर गहरा दुःख व्यक्त किया। IAF ने कहा कि वह दुःख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ दृढ़ता से खड़ा है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने विंग कमांडर स्याल को 'बहादुर और साहसी' पायलट बताते हुए उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने भी पायलट की शहादत पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए भारतीय वायुसेना ने तत्काल कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित करने का आदेश दिया है। जाँच दल ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) सहित सभी तकनीकी और मानवीय पहलुओं की गहनता से जाँच करेगा।
यह घटना भारत के महत्वाकांक्षी स्वदेशी रक्षा कार्यक्रम के लिए एक बड़ा झटका है। तेजस, जिसे भारत का गौरव माना जाता है, भारतीय वायुसेना के बेड़े की रीढ़ बनने की ओर अग्रसर है। हालाँकि, यह तेजस लड़ाकू विमान दुर्घटना की दूसरी ज्ञात घटना है (पहली मार्च 2024 में हुई थी)।
विंग कमांडर नमांशु स्याल की शहादत हमें उनके साहस और देश के प्रति समर्पण की याद दिलाती है। पूरा देश उनके परिवार के साथ खड़ा है और अब सभी की निगाहें कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी की रिपोर्ट पर टिकी हैं।
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