Covid Effect : योगी सरकार का बड़ा फैसला- इन जिलों में सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% कर्मचारी ही करेंगे काम ।
लखनऊ: प्रदेश में कोरोना का संक्रमण दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। कोरोना के तेज़ी से बढ़ते मामलों को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-11 के साथ बैठक की और जरूरी दिशा निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर नगर में सभी सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में 50 % लोग काम करें। बेहतर हो कि अलग-अलग शिफ्ट में काम हो।
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| Cm Yogi Adityanath |
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की सुविधा के अनुसार उन्हें 'वर्क फ्रॉम होम' की अनुमति भी दी जानी चाहिए। इस व्यवस्था को जल्द से जल्द प्रभाव से लागू किया जाए। सभी कार्यालयों में सोशल डिस्टेंसिंग सहित कोरोना प्रोटोकॉल का पूरा पालन किया जाए। वहीं सीएम योगी ने लखनऊ में 3 नए डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल तैयार करने के निर्देश भी दिए।
बता दें कि प्रदेश में कोरोना वायरस तेज़ी से फैल रहा है और नए मामलों को लेकर पिछले सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं। गुरुवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमण के 8490 नए मामले सामने आए हैं। महामारी शुरू होने के बाद से सूबे में एक दिन में मिले संक्रमितों की यह सबसे बड़ी संख्या है। इससे पहले यूपी में 11 सितंबर को एक दिन में सबसे ज्यादा 7,103 कोरोना संक्रमित मिले थे। कोरोना वायरस के 8490 नए मामलों के साथ ही सूबे में इस घातक वायरस से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 654404 हो गई है।
बता दें कि कोरोना के प्रति जागरूकता और अन्य आवश्यक रणनीति के उद्देश्य से राज्यपाल की उपस्थिति में तीन दिवसीय संवाद का विशेष कार्यक्रम शुरू हो रहा है। 11 अप्रैल को राजनीतिक दलों से संवाद का कार्यक्रम है. इस बैठक में राजनीतिक दलों के अध्यक्ष, विधानमंडल के दोनों सदनों के सभी पार्टियों के प्रमुख नेताओं की उपस्थिति रहेगी. इसी प्रकार 12 अप्रैल को सभी महापौरों, पार्षदों, चेयरमैन सहित स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद का विशेष कार्यक्रम है। जबकि 13 अप्रैल को धर्मगुरुओं के साथ विमर्श होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा की, कोरोना अस्पतालों में चिकित्सा कर्मियों, दवाईयों, मेडिकल उपकरणों के बैकअप सहित ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता बनाये रखी जाए। लेवल-2 और लेवल-3 के बेड्स बढ़ाए जाए। किसी प्रकार की जरूरत पर जल्द से जल्द शासन को अवगत कराए। संसाधनों की उपलब्धता के लिए भारत सरकार को भी सूचित कराया जाए।

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